Swatantrata senani वे स्त्री-पुरुष थे जिन्होंने अंग्रेज़ी शासन से भारत को मुक्त कराने के लिए अपना सुख, संपत्ति और कई बार प्राण तक दे दिए। इस पेज पर 1857 के संग्राम से 1947 की आज़ादी तक के प्रमुख नाम, उनका जीवनकाल और उनकी भूमिका एक जगह रखी गई है।
bharat ke swatantrata senani के बारे में भाषण, निबंध या प्रोजेक्ट तैयार करना हो, तो पहले नीचे की सूची देखिए और फिर जिस नायक पर लिखना है उसकी पूरी जीवनी खोलिए। हर नाम के आगे उससे जुड़ा आंदोलन या घटना भी लिखी है।

मुख्य बातें
संग्राम का समय
1857 से 1947, लगभग नब्बे वर्षदो मुख्य धाराएँ
अहिंसक सत्याग्रह और क्रांतिकारी संघर्षपहला बड़ा विद्रोह
1857 का संग्रामअंतिम बड़ा आंदोलन
1942 का भारत छोड़ो आंदोलनस्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त 1947साइट पर सेनानियों के पेज
दस व्यक्तित्व, नीचे की तालिका में
swatantrata senani ke naam और उनकी भूमिका
नीचे उन सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं की सूची है जिनकी विस्तृत जीवनी इस साइट पर है। हर पेज में जन्म, परिवार, शिक्षा, आंदोलन में प्रवेश, मुख्य घटनाएँ और देश के लिए योगदान क्रम से लिखा गया है।
| नाम | जन्म से मृत्यु | भूमिका | पहचान | पेज |
|---|---|---|---|---|
| रानी लक्ष्मीबाई | 1828 से 1858 | झाँसी की रानी, 1857 की योद्धा | अंग्रेज़ों से लड़ते हुए ग्वालियर के पास वीरगति | जीवनी पढ़ें |
| बिरसा मुंडा | 1875 से 1900 | जनजातीय नायक | उलगुलान, लोग धरती आबा कहते थे | जीवनी पढ़ें |
| महात्मा गांधी | 1869 से 1948 | जन आंदोलन के नेता | चंपारण, असहयोग, दांडी यात्रा, भारत छोड़ो | जीवनी पढ़ें |
| सरदार वल्लभभाई पटेल | 1875 से 1950 | किसान आंदोलन और एकीकरण | बारडोली में सरदार की उपाधि, लौह पुरुष | जीवनी पढ़ें |
| डॉ. राजेन्द्र प्रसाद | 1884 से 1963 | सत्याग्रही, संविधान सभा अध्यक्ष | स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति | जीवनी पढ़ें |
| सुभाषचंद्र बोस | 1897 से 1945 (मृत्यु विवादित) | आज़ाद हिंद फ़ौज के सर्वोच्च सेनापति | नेताजी, दिल्ली चलो का नारा | जीवनी पढ़ें |
| चंद्रशेखर आज़ाद | 1906 से 1931 | क्रांतिकारी दल के कमांडर | इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में बलिदान | जीवनी पढ़ें |
| भगत सिंह | 1907 से 1931 | क्रांतिकारी विचारक | 23 मार्च 1931 को लाहौर में फाँसी | जीवनी पढ़ें |
| सुभद्राकुमारी चौहान | 1904 से 1948 | कवयित्री और सत्याग्रही | झंडा सत्याग्रह में भाग, कई बार जेल | जीवनी पढ़ें |
| डॉ. भीमराव आंबेडकर | 1891 से 1956 | संविधान निर्माता, समाज सुधारक | प्रारूप समिति के अध्यक्ष | जीवनी पढ़ें |
अन्य प्रमुख सेनानी जिनके नाम याद रखने चाहिए
आज़ादी की लड़ाई में हज़ारों लोग शामिल थे, जिनमें से बहुतों के नाम इतिहास में दर्ज भी नहीं हो पाए। नीचे कुछ ऐसे नाम हैं जो सामान्य ज्ञान और इतिहास के प्रश्नों में अक्सर आते हैं।
| नाम | समय | किस लिए याद किए जाते हैं |
|---|---|---|
| मंगल पांडे | 1827 से 1857 | बैरकपुर छावनी में विद्रोह, 1857 के पहले शहीदों में |
| तात्या टोपे | 1814 से 1859 (जन्म वर्ष पर मतभेद) | 1857 में छापामार युद्ध, रानी लक्ष्मीबाई के सहयोगी |
| बाल गंगाधर तिलक | 1856 से 1920 | स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, केसरी समाचार पत्र |
| लाला लाजपत राय | 1865 से 1928 | पंजाब केसरी, साइमन कमीशन विरोध में लाठी से घायल |
| गोपाल कृष्ण गोखले | 1866 से 1915 | उदारवादी नेता, गांधीजी के राजनीतिक गुरु |
| सरोजिनी नायडू | 1879 से 1949 | भारत कोकिला, किसी प्रांत की पहली महिला राज्यपाल |
| खुदीराम बोस | 1889 से 1908 | अठारह वर्ष की आयु में मुज़फ़्फ़रपुर में फाँसी |
| राम प्रसाद बिस्मिल | 1897 से 1927 | काकोरी कांड के नायक, गोरखपुर जेल में फाँसी |
| अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ | 1900 से 1927 | काकोरी कांड, फ़ैज़ाबाद जेल में फाँसी |
| सुखदेव और राजगुरु | 1907 और 1908 से 1931 | भगत सिंह के साथ लाहौर में फाँसी |
| जवाहरलाल नेहरू | 1889 से 1964 | पूर्ण स्वराज प्रस्ताव के अध्यक्ष, पहले प्रधानमंत्री |
1857 से 1947 तक: समय रेखा
सेनानियों का परिचय तभी पूरा समझ में आता है जब यह पता हो कि उनके समय देश में क्या चल रहा था। यह तालिका मुख्य मोड़ दिखाती है।
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1857 | मेरठ से शुरू हुआ पहला बड़ा संग्राम, झाँसी, कानपुर, दिल्ली और लखनऊ में लड़ाई |
| 1885 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना |
| 1905 | बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन |
| 1917 | चंपारण सत्याग्रह, गांधीजी के साथ राजेन्द्र प्रसाद जुड़े |
| 1919 | 13 अप्रैल को जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड |
| 1920 | असहयोग आंदोलन की शुरुआत |
| 1925 | 9 अगस्त को काकोरी में ट्रेन से सरकारी ख़ज़ाना लिया गया |
| 1928 | साइमन कमीशन का विरोध, बारडोली सत्याग्रह |
| 1929 | केंद्रीय असेंबली में बम, लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव |
| 1930 | दांडी यात्रा और नमक सत्याग्रह |
| 1942 | 8 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन, करो या मरो का नारा |
| 1943 | सिंगापुर में आज़ाद हिंद सरकार की घोषणा |
| 1947 | 15 अगस्त को भारत स्वतंत्र हुआ |
अहिंसक आंदोलन और क्रांतिकारी धारा
संग्राम की पहली धारा जन आंदोलन की थी। गांधीजी के नेतृत्व में किसान, मज़दूर, विद्यार्थी और महिलाएँ बड़ी संख्या में सड़कों पर आए। सत्याग्रह, बहिष्कार, विदेशी कपड़ों की होली और नमक क़ानून तोड़ना इसके तरीक़े थे। सरदार पटेल, राजेन्द्र प्रसाद, सरोजिनी नायडू और नेहरू इसी धारा के प्रमुख चेहरे थे।
दूसरी धारा क्रांतिकारियों की थी। उनका मानना था कि सशस्त्र प्रतिरोध से ही विदेशी सत्ता हिलेगी। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुखदेव और राजगुरु, और काकोरी कांड के बिस्मिल तथा अशफ़ाक़उल्ला इस धारा के नायक हैं। देश के बाहर सुभाषचंद्र बोस ने आज़ाद हिंद फ़ौज के ज़रिए सैनिक मोर्चा खोला।
इनके साथ जनजातीय विद्रोहों को भी नहीं भूलना चाहिए। छोटानागपुर में बिरसा मुंडा का उलगुलान, संथाल हूल और अन्य वन क्षेत्रों के आंदोलन बताते हैं कि अंग्रेज़ी नीतियों का विरोध हर वर्ग ने किया।
5 swatantrata senani: भाषण और निबंध के लिए
विद्यालय में अक्सर पाँच सेनानियों के बारे में दो दो पंक्तियाँ लिखने को कहा जाता है। ये पाँच नाम अलग अलग धाराओं से हैं, इसलिए उत्तर संतुलित बनता है।
- महात्मा गांधी: पोरबंदर में जन्मे, दक्षिण अफ्रीका से लौटकर चंपारण, असहयोग, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्हें राष्ट्रपिता कहा जाता है।
- भगत सिंह: पंजाब के बंगा गाँव में जन्मे, बटुकेश्वर दत्त के साथ केंद्रीय असेंबली में बम फेंककर गिरफ़्तारी दी। तेईस वर्ष की आयु में फाँसी पर चढ़े।
- सुभाषचंद्र बोस: कटक में जन्मे, भारतीय सिविल सेवा छोड़ी, कांग्रेस अध्यक्ष बने और बाद में आज़ाद हिंद फ़ौज का नेतृत्व किया।
- रानी लक्ष्मीबाई: बचपन का नाम मणिकर्णिका, झाँसी के राजा गंगाधर राव से विवाह हुआ। 1857 में झाँसी और फिर ग्वालियर के पास अंग्रेज़ी सेना से लड़ीं।
- सरदार पटेल: नडियाद में जन्मे, खेड़ा और बारडोली के किसान आंदोलनों का नेतृत्व किया। आज़ादी के बाद पाँच सौ से अधिक रियासतों को भारत में मिलाया।
सेनानी का जीवन परिचय लिखते समय ध्यान रखें
- जन्म तिथि और स्थान के बाद परिवार और शिक्षा लिखिए, फिर आंदोलन से जुड़ने का कारण।
- मुख्य घटनाएँ वर्ष के साथ क्रम में लिखिए, जैसे गिरफ़्तारी, मुक़दमा या आंदोलन।
- नारे और कथन वही लिखिए जो प्रमाणित हों।
- अंत में देश के लिए उनका स्थायी योगदान बताइए।
लेखक और कवि के परिचय से इसका ढाँचा थोड़ा अलग होता है, क्योंकि यहाँ रचनाओं की जगह कार्य और संघर्ष आते हैं। विस्तार से तरीक़ा लेखन गाइड में समझाया गया है, और बाक़ी व्यक्तित्वों की पूरी सूची मुख्य पेज पर मिलेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत के पहले स्वतंत्रता सेनानी किसे माना जाता है?
1857 के संग्राम में बैरकपुर छावनी के सिपाही मंगल पांडे को अक्सर पहला शहीद कहा जाता है। उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दी गई। उससे पहले भी कई क्षेत्रीय विद्रोह हुए थे, इसलिए इतिहासकार इस पर अलग अलग राय रखते हैं।
महिला स्वतंत्रता सेनानियों में कौन प्रमुख हैं?
रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू, सुभद्राकुमारी चौहान, कस्तूरबा गांधी, अरुणा आसफ़ अली और आज़ाद हिंद फ़ौज की रानी झाँसी रेजिमेंट की कप्तान लक्ष्मी सहगल प्रमुख नाम हैं।
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फाँसी कब दी गई?
तीनों को 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फाँसी दी गई। देश हर साल यह तारीख़ शहीद दिवस के तौर पर मनाता है।
काकोरी कांड में कौन से क्रांतिकारी शामिल थे?
राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला ख़ाँ, राजेन्द्र लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह और चंद्रशेखर आज़ाद समेत कई क्रांतिकारी इसमें शामिल थे। बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला, लाहिड़ी और रोशन सिंह को फाँसी दी गई, जबकि आज़ाद पकड़े नहीं जा सके।
आज़ाद हिंद फ़ौज की स्थापना किसने की थी?
इसका पहला गठन रासबिहारी बोस और मोहन सिंह की पहल पर हुआ था। बाद में सुभाषचंद्र बोस ने इसका नेतृत्व संभाला और इसे एक संगठित सेना का रूप दिया।
क्या बिरसा मुंडा स्वतंत्रता सेनानी थे?
हाँ, बिरसा मुंडा ने उन्नीसवीं सदी के अंत में अंग्रेज़ी शासन और ज़मींदारी शोषण के ख़िलाफ़ मुंडा समुदाय का आंदोलन चलाया। 9 जून 1900 को राँची जेल में उनकी मृत्यु हुई।