Jivan parichay kaise likhe, यह प्रश्न लगभग हर विद्यार्थी के मन में बोर्ड परीक्षा से पहले आता है, क्योंकि लेखक और कवि का परिचय हर साल पूछा जाता है और इसमें पूरे अंक लाना आसान है, बशर्ते क्रम सही हो। परीक्षक सबसे पहले यह देखते हैं कि उत्तर शीर्षकों में बँटा है या नहीं, तथ्य सही हैं या नहीं, और रचनाओं के नाम ठीक लिखे हैं या नहीं।
नीचे दिए टूल में आप किसी भी लेखक के तथ्य भरिए, वह उन्हें परीक्षा वाले क्रम में सजा देगा। उसके बाद इस पेज पर उत्तर का ढाँचा, अंकों के हिसाब से लंबाई, एक पूरा नमूना उत्तर और आम ग़लतियाँ दी गई हैं।
मुख्य बातें
उत्तर के भाग
जीवन परिचय, साहित्यिक परिचय, रचनाएँ, भाषा-शैली, साहित्य में स्थान5 अंक का उत्तर
लगभग 150 से 200 शब्दसबसे ज़रूरी
सही तिथियाँ और रचनाओं के सही नामटूल
जीवन परिचय लेखन टूल (Jivan parichay builder), ब्राउज़र में चलता हैनमूना उत्तर
मैथिलीशरण गुप्त
जीवन परिचय लेखन टूल कैसे काम करता है
यह टूल (Jivan parichay builder) पूरी तरह आपके ब्राउज़र में चलता है। इसमें आप लेखक का नाम, जन्म की तिथि और स्थान, मृत्यु, माता-पिता, शिक्षा, मुख्य कृतियाँ, लिखने की शैली और हिंदी में उनका स्थान या योगदान अलग अलग खानों में भरते हैं। बटन दबाते ही टूल इन्हें जीवन परिचय, साहित्यिक परिचय, रचनाएँ, भाषा-शैली तथा हिंदी जगत में स्थान नाम के शीर्षकों के नीचे सजा देता है।
साथ ही वह शब्द गिनता है, ताकि आप देख सकें कि उत्तर अंकों के हिसाब से छोटा या लंबा तो नहीं हो गया, और पाँच पंक्तियों का छोटा रूप भी बना देता है जो दो या तीन अंकों के प्रश्न के लिए काम आता है। तैयार उत्तर को प्रिंट कर सकते हैं या कॉपी करके अपनी नोटबुक में उतार सकते हैं। तथ्य आपको ख़ुद भरने हैं, इसलिए पहले व्यक्ति का पेज पढ़कर सही जानकारी जुटा लीजिए।
jivan parichay kaise likhen: पाँच भागों वाला ढाँचा
कवि या लेखक का परिचय पाँच हिस्सों में लिखा जाता है। हर हिस्से को अलग शीर्षक दीजिए और उसे रेखांकित कीजिए, इससे उत्तर साफ़ दिखता है।
- जीवन परिचय: जन्म तिथि, जन्म स्थान, माता-पिता, शिक्षा, जीवन की मुख्य घटनाएँ और मृत्यु। इसे तीन चार वाक्यों में रखिए।
- साहित्यिक परिचय: लेखन की शुरुआत, किस युग या वाद से जुड़े, किस विधा में सबसे अधिक काम किया, किन पत्रिकाओं से संबंध रहा।
- प्रमुख रचनाएँ: कम से कम चार कृतियाँ, संभव हो तो विधा के अनुसार बाँटकर, जैसे काव्य, नाटक, उपन्यास, निबंध।
- भाषा-शैली: भाषा का नाम (अवधी, ब्रज, खड़ी बोली), उसके गुण, शैली के प्रकार और प्रिय छंद या अलंकार।
- साहित्य में स्थान: एक या दो वाक्य जिनमें बताया जाए कि हिंदी साहित्य उन्हें किस रूप में याद करता है।
स्वतंत्रता सेनानी, वैज्ञानिक या समाज सुधारक के लिए दूसरे से पाँचवें भाग की जगह ये शीर्षक रखिए: प्रमुख कार्य, मुख्य घटनाएँ, योगदान और सम्मान, देश के लिए महत्व। उदाहरण के लिए भगत सिंह या रामानुजन के पेज देखिए।
अंकों के हिसाब से कितना लिखें
बोर्ड और विश्वविद्यालयों में अंक योजना थोड़ी अलग अलग होती है, पर नीचे का अनुमान ज़्यादातर परीक्षाओं में काम करता है। अपने प्रश्न पत्र के निर्देश ज़रूर पढ़िए, क्योंकि कई बार जीवन परिचय के साथ एक रचना का नाम अलग से माँगा जाता है।
| अंक | लगभग शब्द | क्या क्या लिखें |
|---|---|---|
| 2 अंक | 40 से 50 | जन्म और मृत्यु का वर्ष व स्थान, दो प्रमुख रचनाएँ |
| 3 अंक | 80 से 100 | जीवन की मुख्य बातें, तीन चार रचनाएँ, साहित्य में स्थान एक पंक्ति में |
| 5 अंक | 150 से 200 | शीर्षकों के साथ जीवन परिचय, साहित्यिक परिचय, रचनाएँ, भाषा-शैली, स्थान |
| 6 अंक या अधिक | 200 से 250 | ऊपर के सब भाग, साथ में भाषा के गुण उदाहरण सहित और युग का संदर्भ |
दसवीं की परीक्षा में अक्सर लेखक या कवि का परिचय और उसकी एक रचना पूछी जाती है, जबकि बारहवीं में साहित्यिक परिचय और भाषा-शैली पर भी अंक होते हैं। दोनों में शीर्षक वाली शैली सबसे सुरक्षित है।
नमूना उत्तर: मैथिलीशरण गुप्त
नीचे पाँच अंकों के प्रश्न का पूरा उत्तर है, लगभग 190 शब्दों में। इसी साँचे में आप किसी भी कवि का परिचय लिख सकते हैं।
प्रश्न: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के जीवन और साहित्य पर प्रकाश डालिए तथा दो रचनाएँ बताइए।
जीवन परिचय: राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का जन्म 3 अगस्त 1886 को झाँसी ज़िले के चिरगाँव में हुआ। उनके पिता सेठ रामचरण गुप्त स्वयं कविता करते थे और माता काशीबाई धार्मिक स्वभाव की थीं। स्कूली पढ़ाई अधिक नहीं हो सकी, पर घर पर ही उन्होंने संस्कृत, बांग्ला और अंग्रेज़ी सीखी। आचार्य महावीरप्रसाद द्विवेदी की प्रेरणा से वे सरस्वती पत्रिका में लिखने लगे। स्वतंत्रता के बाद वे राज्यसभा के सदस्य रहे और उन्हें पद्मभूषण मिला। 12 दिसंबर 1964 को उनका निधन हुआ।
साहित्यिक परिचय: गुप्तजी द्विवेदी युग के सबसे लोकप्रिय कवि थे। भारत-भारती ने स्वतंत्रता आंदोलन के दिनों में देशवासियों में गौरव और जागरण का भाव भरा। गांधीजी ने उन्हें राष्ट्रकवि कहा।
प्रमुख रचनाएँ: भारत-भारती, साकेत, यशोधरा, जयद्रथ वध, पंचवटी, द्वापर।
भाषा-शैली: शुद्ध, सरल और प्रवाहपूर्ण खड़ी बोली। प्रबंध और गीति दोनों शैलियों में लिखा, उपेक्षित नारी पात्रों जैसे उर्मिला और यशोधरा को स्वर दिया।
साहित्य में स्थान: खड़ी बोली को काव्य भाषा के रूप में स्थापित करने वाले कवियों में गुप्तजी अग्रणी हैं।
गुप्तजी का विस्तृत पेज यहाँ है। बाक़ी नाम रचनाकारों की सूची में मिलेंगे।
भाषा-शैली वाला भाग कैसे लिखें
बहुत से विद्यार्थी यहीं अंक खो देते हैं, क्योंकि वे केवल सरल भाषा लिखकर छोड़ देते हैं। भाषा-शैली में तीन बातें होनी चाहिए: भाषा कौन सी है, उसकी विशेषता क्या है, और शैली के कौन से रूप मिलते हैं।
- भक्तिकाल के कवि: तुलसी की अवधी और ब्रज, सूर की कोमल ब्रजभाषा, कबीर की सधुक्कड़ी जिसमें कई बोलियों का मेल है।
- छायावादी कवि: संस्कृतनिष्ठ खड़ी बोली, लाक्षणिकता, प्रतीक और बिंब, मानवीकरण अलंकार।
- गद्य लेखक: विचारात्मक, वर्णनात्मक, भावात्मक, व्यंग्यात्मक या आलोचनात्मक शैली, मुहावरों का प्रयोग, तत्सम या उर्दू मिश्रित शब्दावली।
आम ग़लतियाँ जिनसे अंक कटते हैं
- रचनाओं के नाम ग़लत लिखना, जैसे किसी दूसरे कवि की कृति जोड़ देना।
- भक्तिकाल के कवियों के लिए एक ही जन्म वर्ष को पक्का बताना, जबकि उस पर मतभेद है।
- पूरा उत्तर एक लंबे अनुच्छेद में लिखना, बिना शीर्षक के।
- साहित्य में स्थान वाला भाग छोड़ देना।
- प्रश्न में केवल एक रचना माँगी गई हो तब भी लंबी सूची बनाना और समय गँवाना।
तैयारी के लिए हर व्यक्ति के पेज के अंत में दिया गया संक्षिप्त उत्तर एक बार बिना देखे लिखिए और फिर मिलाइए। जीवनी और आत्मकथा जैसी विधाओं का फ़र्क इस लेख में है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
जीवन परिचय में सबसे पहले क्या लिखना चाहिए?
सबसे पहले जन्म तिथि और जन्म स्थान लिखिए, फिर माता-पिता का नाम। इससे उत्तर का क्रम अपने आप बन जाता है।
क्या जीवन परिचय में शीर्षक देना ज़रूरी है?
शीर्षक देना अनिवार्य नहीं है, पर इससे परीक्षक को हर भाग जल्दी दिखता है और अंक देने में आसानी होती है। पाँच अंक या उससे अधिक के प्रश्न में शीर्षक ज़रूर दीजिए।
जन्म वर्ष याद न हो तो क्या करें?
अनुमान से ग़लत तिथि लिखने से बेहतर है कि शताब्दी लिखें, जैसे सोलहवीं शताब्दी। भक्तिकाल के कवियों के लिए यह भी लिख सकते हैं कि जन्म वर्ष पर विद्वान एकमत नहीं हैं।
लेखक परिचय और कवि परिचय के उत्तर में क्या फ़र्क है?
कवि के परिचय में रस, छंद और अलंकार का ज़िक्र होता है। लेखक के परिचय में गद्य की विधाएँ और शैली के प्रकार लिखे जाते हैं। बाक़ी ढाँचा एक जैसा रहता है।
क्या टूल से बना उत्तर सीधे परीक्षा में लिख सकते हैं?
टूल केवल आपके भरे तथ्यों को क्रम में सजाता है। तथ्य सही हों तो वह उत्तर याद करने और अभ्यास के लिए अच्छा है, पर परीक्षा में अपने शब्दों में लिखना हमेशा बेहतर रहता है।
जीवन परिचय याद करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
पहले मुख्य तिथियाँ और चार रचनाएँ एक पर्ची पर लिखिए। फिर पूरा उत्तर दो बार लिखकर अभ्यास कीजिए। बोलकर दोहराने से भी नाम जल्दी याद होते हैं।